पादप शरीर: उत्तक एवं उत्तक तंत्र द्वितीयक वृद्धि
प ादप शारीर (Plant Anatomy) के अंतर्गत हम पौधों की आंतरिक संरचना का अध्ययन करते हैं। जिस प्रकार बाहरी आकारिकी में विविधता होती है, उसी प्रकार भीतरी संरचना में भी समानताएँ और विभिन्नताएं पाई जाती हैं। पौधों में 'कोशिका' आधारभूत इकाई है, जो ऊतकों और फिर अंगों में संगठित होती है। आंतरिक संरचना पर्यावरण के प्रति अनुकूलन को भी दर्शाती है। महत्वपूर्ण अंतर:
एकबीजपत्री (Monocots) और द्विबीजपत्री (Dicots) पादपों की आंतरिक शारीरिक संरचना (Anatomy) में स्पष्ट अंतर होता है।
1. ऊतक तंत्र (The Tissue System) पौधों में ऊतकों की संरचना और कार्य उनकी स्थिति पर निर्भर करते हैं। स्थिति के आधार पर ऊतक तंत्र को तीन प्रकारों में बांटा गया है: बाह्यत्वचीय ऊतक तंत्र (Epidermal Tissue System) भरण या मौलिक ऊतक तंत्र (Ground or Fundamental Tissue System) संवहनी ऊतक तंत्र (Vascular Tissue System) 2. बाह्यत्वचीय ऊतक तंत्र (Epidermal Tissue System) यह पौधे का सबसे बाहरी आवरण बनाता है। इसके अंतर्गत बाह्यत्वचीय कोशिकाएं, रंध्र (Stomata) और बाह्यत्वचीय उपांग (रोम) आते हैं। (A) बाह्यत्वचा (Epidermis) यह पौधों के भागो…