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राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था

1. प्राचीन गणतंत्रीय व्यवस्था (Ancient Republican System in Rajasthan) राजस्थान में प्राचीन काल से ही गणतंत्रीय (Republican) शासन व्यवस्था के प्रमाण मिलते हैं। आर्यों के निवास से स्थायी बस्तियां बनीं, जिन्हें आगे चलकर जनपद कहा गया। जानकारी के प्रमुख स्रोत: समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति (इलाहाबाद स्तंभ लेख) से राजस्थान के विभिन्न गणराज्यों की जानकारी मिलती है, जिनमें प्रमुख हैं: मालव यौधेय अर्जुनायन आभीर गुप्तों का प्रभाव: गुप्त शासकों ने इन गणराज्यों को पराजित कर अपने अधीन कर लिया। हालाँकि, उन्होंने इनके आंतरिक मामलों में अहस्तक्षेप (Non-interference) की नीति अपनाई, जिसके कारण इनका प्राचीन गणतंत्रीय स्वरूप बना रहा। पतन एवं समाप्ति: गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद, छठी शताब्दी में हूणों के लगातार आक्रमणों के कारण राजस्थान से प्राचीन गणतंत्रीय व्यवस्था हमेशा के लिए समाप्त हो गई। 2. पूर्व मध्यकालीन राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था (7वीं से 12वीं सदी) इस काल में राजस्थान में राजतंत्रात्मक (Monarchical) शासन व्यवस्था का विस्तार हुआ। शासन की शक्तियां मुख्य रूप से राजा और उसके मंत्रिमंडल में नि…